इस बार नवरात्री का पर्व पितर पक्ष के तुरंत बाद नहीं शुरू हो रहा है , क्यूंकि शारदीय नवरात्रि का पर्व अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होता है। इस बार अश्विन माह के शुक्ल पक्ष 17 अक्टूबर से शुरू हो रहे हैं। इसलिए इस बार शारदीय नवरात्रि का पर्व 17 अक्टूबर से शुरू होगा। पंचांग के अनुसार आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि के दिन घट स्थापना मुहूर्त का समय प्रात:काल 06:27 बजे से 10:13 बजे तक बताया गया है। वहीं अभिजित मुहूर्त प्रात:काल 11:44 बजे से 12:29 बजे तक रहेगा।
नवरात्रि में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा होती है :
सभी नौ दिन माँ आदिशक्ति के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है।
पहले दिन : मां शैलपुत्री की पूजा होती है।
दूसरे दिन :मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है।
तीसरे दिन : मां चंद्रघंटा की पूजा होती है।
चौथे दिन : मां कुष्मांडा की पूजा होती है।
पांचवे दिन : मां स्कंदमाता की पूजा होती है।
छठे दिन : मां कात्यायनी की पूजा होती है।
सातवें दिन : मां कालरात्रि की पूजा होती है।
आठवें दिन : मां महागौरी दुर्गा की पूजा होती है।
नवें दिन : मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है।
साल में 4 बार नवरात्रि का पर्व आता है। चैत्र नवरात्रि, शारदीय नवरात्रि और दो गुप्त नवरात्रि। व्रत रखने का अधिक महत्व चैत्र और शारदीय नवरात्रि का होता है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि में व्रत करने से मां का आशीर्वाद मिलता है और सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
नवरात्री समापन तिथि :
25 अक्टूबर 2020 .
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